
Entertainment मनोरंजन : भारतीय सिनेमा की दिग्गज और प्रतिभाशाली अभिनेत्री नूतन का जन्म 4 जून 1936 को एक फिल्मी परिवार में हुआ था। उनकी मां एक्ट्रेस शोभना समर्थ और पिता निर्देशक-कवि कुमार सेन समर्थ थे। फिल्मी माहौल में पली-बढ़ी नूतन ने बहुत कम उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था।
नूतन ने साल 1950 में फिल्म ‘हमारी बेटी’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। उस समय उनकी उम्र केवल 14 वर्ष थी। इतनी कम उम्र में ही उन्होंने अभिनय की दुनिया में अपनी प्रतिभा का परिचय देना शुरू कर दिया था। शुरुआती दौर में ही उन्होंने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
कम उम्र में ही नूतन ने मिस इंडिया का खिताब भी अपने नाम किया, जिससे उनकी लोकप्रियता और बढ़ गई। हालांकि उन्हें असली पहचान साल 1955 में रिलीज हुई फिल्म ‘सीमा’ से मिली। इस फिल्म में उनके दमदार अभिनय ने उन्हें हिंदी सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियों की कतार में ला खड़ा किया।
फिल्म ‘सीमा’ के लिए नूतन को पहला फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ती चली गईं। उनके अभिनय की खासियत उनकी सादगी, भावनात्मक गहराई और मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस थी, जिसने उन्हें दर्शकों के दिलों में खास जगह दिलाई।
अपने लंबे फिल्मी करियर में नूतन ने 70 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने हर तरह के किरदार निभाए और अपने अभिनय से हर भूमिका को जीवंत बना दिया। चाहे गंभीर किरदार हों या भावनात्मक भूमिकाएं, नूतन ने हर किरदार में अपनी अलग छाप छोड़ी।
नूतन के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह भी रही कि उन्होंने लगातार पांच साल तक बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता। यह उपलब्धि आज भी हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक रिकॉर्ड मानी जाती है और उनके असाधारण अभिनय कौशल को दर्शाती है।
उनकी फिल्मों में ‘सुजाता’, ‘बंदिनी’, ‘सरस्वतीचंद्र’, ‘मिलन’ जैसी कई यादगार फिल्में शामिल हैं, जिनमें उनके अभिनय को आज भी सराहा जाता है। उन्होंने अपने समय में महिला प्रधान भूमिकाओं को एक नई पहचान दी और भारतीय सिनेमा में मजबूत महिला किरदारों की नींव को और मजबूत किया।
नूतन न केवल एक सफल अभिनेत्री थीं, बल्कि वह अपने समय की सबसे सम्मानित और प्रभावशाली कलाकारों में से एक मानी जाती हैं। उनकी सादगी, आत्मविश्वास और अभिनय की गहराई ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।
आज भी नूतन को भारतीय सिनेमा की उन महान अभिनेत्रियों में गिना जाता है, जिन्होंने अपने अभिनय से एक युग को परिभाषित किया। उनकी फिल्में और किरदार आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं और नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।





